यह शब्द 1670 के दशक में हिंदी paṇḍit से लिया गया, जो संस्कृत paṇḍita से निकला है और जिसका अर्थ “विद्वान” या “विद्वान व्यक्ति” है। अंग्रेज़ी में पहले इसका प्रयोग हिंदू विद्वान के लिए हुआ, फिर किसी भी कथित विशेषज्ञ और बाद में सार्वजनिक टिप्पणीकार के लिए होने लगा।